अस्थमा के मरीजों के लिए रामदेव के योगासन: सांस की समस्या में मिलेगा आराम

दुनियाभर में करीब 24 करोड़ लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। भारत में भी यह बीमारी आम है। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति की सांस की नली में सूजन आ जाती है और श्वसन मार्ग की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इसके कारण खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अस्थमा के कई कारण हो सकते हैं, जैसे जीन, एलर्जी, प्रदूषण और तनावअगर सही समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। लेकिन योग और प्राणायाम से अस्थमा को नियंत्रित और ठीक भी किया जा सकता है।

स्वामी रामदेव के अनुसार, योग में इतनी शक्ति है कि आप अस्थमा से आसानी से मुक्ति पा सकते हैं।

यहां कुछ योगासन बताए गए हैं जो अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद हैं:

1. गौमुखासन:

  • यह आसन फेफड़ों और छाती को खोलता है, जिससे सांस लेना आसान होता है।
  • यह कंधों और गर्दन में तनाव भी कम करता है।

2. भस्त्रिका:

  • यह प्राणायाम श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है।
  • यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करता है।

3. मकरासन:

  • यह आसन पीठ और कमर की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है।
  • यह पाचन को भी बेहतर बनाता है।

4. भुजंगासन:

  • यह आसन छाती को खोलता है और फेफड़ों को मजबूत करता है।
  • यह रीढ़ की हड्डी को भी लचीला बनाता है।

5. सूर्य नमस्कार:

  • यह एक पूर्ण योग है जो पूरे शरीर को लाभ पहुंचाता है।
  • यह श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है और तनाव को कम करता है।

इन योगासनों के अलावा, अस्थमा के रोगियों को कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना चाहिए:

  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • स्वस्थ आहार खाएं।
  • धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
  • तनाव कम करें।
  • अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

अगर आप अस्थमा से पीड़ित हैं, तो योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

यह आपको स्वस्थ रहने और अपनी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *